असम में बाढ़ का कहर, 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित: असम बाढ़ पर पीएम मोदी ने लिया हालात का जायजा

Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Payal jadon
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिले जलमग्न हैं और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान जारी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री से की बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रधानमंत्री को दी। प्रधानमंत्री ने जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। प्रभावित लोगों की मदद को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राहत कार्यों में जुटी हैं।
कई जिलों में हालात अब भी चिंताजनक
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट शामिल हैं। अकेले शिवसागर जिले में लगभग 2.9 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। कई गांवों में अब भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचा रहा है। कुछ इलाकों में पानी का स्तर धीरे-धीरे घटने लगा है।
फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण लगभग 25 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद होने से आर्थिक नुकसान बढ़ गया है। कई घर, सड़कें और सार्वजनिक ढांचे भी प्रभावित हुए हैं। पशुधन को भी भारी क्षति पहुंचने की खबर है। सरकार नुकसान का आकलन कर रही है। प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
राहत शिविरों में हजारों लोगों को आश्रय
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए 274 से अधिक राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। हजारों लोग इन शिविरों में रह रहे हैं। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर दूरदराज के इलाकों में भोजन और जरूरी सामग्री पहुंचा रहे हैं। NDRF, SDRF और सेना की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त निगरानी
बाढ़ की स्थिति की निगरानी के लिए केंद्र सरकार की एक अंतर-मंत्रालयी टीम भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही है। टीम नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राहत कार्यों को और तेज करने पर जोर दिया गया है। मौसम विभाग ने भी कुछ क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है।








