Shubman Gill Team India: शुभमन गिल ने भारतीय टीम के शेड्यूल पर उठाए सवाल

शुभमन गिल ने भारतीय टीम के शेड्यूल पर उठाए सवाल
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Neel Saxena

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0 सेकंड पहले

Breaking news! Sabko is baare mein pata hona chahiye.

Aditya Verma

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0 सेकंड पहले

Ishwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.

Simran Arora

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1 घंटे पहले

Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

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नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम के व्यस्त शेड्यूल पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर उनके हाथ में होता, तो वनडे और टेस्ट सीरीज के बीच टी20 सीरीज रखी जाती। इससे खिलाड़ियों को सभी प्रारूपों में पूरी ताकत के साथ खेलने का मौका मिलता।

भारत के लिए जून 2027 में होने वाला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल और अक्टूबर-नवंबर 2027 का वनडे वर्ल्ड कप काफी अहम है। दोनों सीरीज के बीच कम अंतर होने के कारण खिलाड़ियों के वर्कलोड को लेकर भी टीम को योजना बनानी पड़ रही है।


गिल ने शेड्यूल में बदलाव की जताई इच्छा
गिल ने कहा कि अगर सभी खिलाड़ी फिट होते, तो वह वर्ल्ड कप की मुख्य टीम के खिलाड़ियों को पांचों वनडे मैच खिलाना चाहते। लेकिन टेस्ट सीरीज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, पहले वनडे, फिर टी20 और आखिर में टेस्ट सीरीज होती, तो टीम सभी मैचों में पूरी ताकत से उतर सकती थी।

 

WTC फाइनल और बुमराह-हार्दिक पर अपडेट
गिल ने उम्मीद जताई कि न्यूजीलैंड में दो टेस्ट और घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर भारत WTC फाइनल में जगह बना सकता है। वहीं, जसप्रीत बुमराह को वनडे सीरीज से आराम दिया गया है और गिल समेत कुछ टेस्ट खिलाड़ी आखिरी दो वनडे नहीं खेल पाएंगे।

हार्दिक पांड्या की फिटनेस पर गिल ने कहा कि उनके जैसे तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर दुनिया में बहुत कम हैं। चोट के कारण हार्दिक फिलहाल बाहर हैं। उम्मीद है कि घरेलू क्रिकेट खेलकर वह जल्द राष्ट्रीय टीम में वापसी करेंगे।


2027 वर्ल्ड कप के लिए लंबे गेंदबाजों पर नजर
दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए भारतीय टीम लंबे कद के तेज गेंदबाजों को मौका दे रही है। प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा और गुरनूर बराड़ जैसे गेंदबाज इस योजना का हिस्सा हैं।

गिल के मुताबिक, पुरानी गेंद से स्विंग कम मिलने पर 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार और अतिरिक्त उछाल वाले गेंदबाज मध्य ओवरों में बल्लेबाजों पर दबाव बना सकते हैं। इससे सपाट पिचों पर भी विकेट निकालने में मदद मिलती है।

 

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Neel Saxena

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Aditya Verma

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1 घंटे पहले

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