IAS Murder Accused Arrested: रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड का आरोपी आगरा से गिरफ्तार

Sneha Menon
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Payal jadon
3 मिनट पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Aarohi Chaudhary
1 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Neha Tripathi
2 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल (70) की हत्या के मामले में फरार चल रहे केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले मुगलिया छाप के पास पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान वरुण ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। घायल आरोपी को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल लाया गया है।
कई राज्यों में तलाश के बाद पुलिस को मिली सफलता
वरुण की तलाश में भोपाल पुलिस कई राज्यों में दबिश दे रही थी। पुलिस ने सैकड़ों CCTV फुटेज भी खंगाले। लगातार प्रयासों के बाद टीम आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। इस मामले में IAS एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया था।
30 सितंबर को बंगले में मिला था रिटायर्ड IAS का शव
रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल का शव 30 सितंबर को भोपाल के सूरज नगर स्थित उनके बंगले में मिला था। उनकी उम्र 70 वर्ष थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि उनकी गर्दन के दोनों ओर गहरे घाव थे। घर की अलमारी का ताला टूटा हुआ था, लेकिन नकदी और जेवर गायब नहीं थे। केवल राकेश का मोबाइल फोन नहीं मिला था।
26 सितंबर को केयरटेकर के रूप में रखा गया था वरुण
पुलिस को शक था कि हत्या उनके घर में काम करने वाले केयरटेकर वरुण ने की है। उसे 26 सितंबर को ही देखभाल के लिए रखा गया था। वारदात के बाद से वह फरार था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना वाली रात राकेश अग्रवाल की पत्नी ने रात करीब 12 बजे उन्हें दवा दी थी। इसके लगभग एक घंटे बाद बंगले में काम करने वाले कुक ने वरुण को बाहर परेशान हालत में देखा था। पुलिस को आशंका है कि हत्या इसी दौरान की गई।
दूसरे कमरे में सो रही थीं राकेश अग्रवाल की पत्नी
राकेश अग्रवाल की पत्नी बंगले के दूसरे कमरे में सो रही थीं। कमरे की कुंडी बाहर से लगी हुई थी। सुबह बंगले में LPG गैस की तेज गंध फैल गई। कुक ने फोन करके मदद मांगी और इसके बाद राकेश की पत्नी को कमरे से बाहर निकाला गया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बंगले में खुला मिला गैस रेगुलेटर
पुलिस को बंगले में गैस सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला था और रेगुलेटर भी खुला था। इससे आशंका जताई गई कि हत्या के बाद बंगले में आग लगाने या धमाका करने की कोशिश की गई हो सकती है। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अलमारी का टूटा ताला और गायब मोबाइल बने अहम सुराग
घर की अलमारी का ताला टूटा होने के बावजूद नकदी और जेवर सुरक्षित मिले थे। केवल राकेश का मोबाइल फोन गायब था। वरुण अपना बैग और कपड़े भी बंगले में ही छोड़ गया था। इन परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने शुरुआत से ही केयरटेकर पर शक जताया था।
20 दिन तक फरार रहने के बाद आगरा में पकड़ा गया आरोपी
वारदात के बाद वरुण फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में कई राज्यों तक पहुंची। जांच टीम ने सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले और अलग-अलग जगहों पर उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की। करीब 20 दिनों तक फरार रहने के बाद पुलिस ने उसे आगरा में पकड़ लिया। मामले की आगे की जांच जारी है।








