Five Elephant Tusks Missing: पौड़ी गढ़वाल में वन विभाग के दफ्तर से पांच हाथी दांत गायब

Sneha Menon
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Vihaan Patel
30 मिनट पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Sonu rai
1 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
पौड़ी गढ़वाल के वन कार्यालय से पांच हाथी दांत गायब
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में वन विभाग के एक कार्यालय से 35.41 किलोग्राम वजन के पांच हाथी दांत गायब होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी कार्यालय में सुरक्षित रखे गए हाथी दांत आखिर कहां और कब गायब हुए। मामले में विभागीय जांच के साथ पुलिस में भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जांच के दायरे में कार्यालय के कर्मचारी और स्टोर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने में शामिल लोग भी हैं।
लालढांग रेंज कार्यालय में रखे थे हाथी दांत
यह मामला पौड़ी जिले के लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज के कार्यालय का है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के निर्देश पर राज्य के सभी रेंज कार्यालयों में जब्त और बरामद किए गए हाथी दांतों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान लालढांग रेंज कार्यालय में रखे हाथी दांतों की संख्या का मिलान किया गया।
18 अक्टूबर को गिनती में सामने आई कमी
कुछ दिन पहले कार्यालय का स्टोर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को हाथी दांतों की गिनती की गई। इस दौरान पता चला कि 35.41 किलोग्राम वजन के पांच हाथी दांत गायब हैं। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
स्टोर शिफ्टिंग के दौरान गायब होने की आशंका
हाथी दांत गायब होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे आखिर कब गायब हुए। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि स्टोर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के दौरान दांत गायब हुए होंगे। हालांकि, इस संभावना पर सवाल भी उठ रहे हैं कि अगर उस दौरान हाथी दांत गायब हुए तो किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
स्टोर शिफ्टिंग में शामिल लोगों से पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, स्टोर शिफ्ट करने के काम में लगाए गए आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ की गई है। हालांकि, उनसे कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। वन विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि हाथी दांत आखिरी बार कब देखे गए थे और उन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी किसके पास थी।
हरिद्वार के DFO की अध्यक्षता में जांच समिति गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। हरिद्वार के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई है। इसके अलावा लैंसडौन वन प्रभाग के DFO ने इस मामले में तीन कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
सुरक्षा और रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच
विभागीय स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्टोर शिफ्टिंग के दौरान सुरक्षा और रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। हाथी दांत गायब होने के मामले में पुलिस में भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पौड़ी जिले के यमकेश्वर थाने में जीरो FIR दर्ज की गई है, जिसे कोटद्वार थाने में स्थानांतरित किया जा रहा है।
SOG और CIU की टीमों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
पौड़ी गढ़वाल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि उनके निर्देश पर सोमवार को कोटद्वार की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिलहाल वन विभाग और पुलिस दोनों अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।








