Cash Seized In Khair Wood Case: खैर लकड़ी केस में 81 लाख कैश बरामद
Sonu rai
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Krishna Yadav
2 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Dev Kapoor
4 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Kunal Rao
4 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Kabir Shukla
5 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Vihaan Patel
6 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Ritika Ghosh
7 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खैर यानी कत्था लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी NOC मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में आरोपी मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार सरसींवा स्थित मकान की तलाशी ली, जहां से 81 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। यह तलाशी अदालत से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर की गई थी और कार्रवाई के दौरान केयरटेकर तथा गवाह भी मौजूद थे।
500 रुपये की 162 गड्डियां बरामद
पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान एक थैले से 500-500 रुपये के नोटों की कुल 162 गड्डियां मिलीं। इन गड्डियों में कुल 81 लाख रुपये की नकदी थी, जिसे पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया है। इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद अब जांच का फोकस इस रकम के स्रोत और मामले में इसकी संभावित भूमिका पर भी है। हालांकि नकदी का अंतिम कानूनी स्रोत और उससे जुड़े तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
23,350 किलो खैर लकड़ी से जुड़ा मामला
पुलिस की कार्रवाई जिस मामले की जांच के दौरान हुई, वह कथित तौर पर 23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन से जुड़ा है। आरोप है कि लकड़ी के परिवहन के लिए फर्जी NOC तैयार कर उसका इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में महासमुंद जिले के पिथौरा थाने में भारतीय न्याय संहिता और भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों, लकड़ी के परिवहन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ा रही है।
आरोपी पहले से जेल में बंद
रिपोर्टों के अनुसार आरोपी मनीष अग्रवाल पहले से ही जेल में बंद है और उसके मुड़पार स्थित मकान की तलाशी के दौरान यह नकदी बरामद हुई। पुलिस को जांच के दौरान आरोपी से जुड़े ठिकाने पर बड़ी रकम मौजूद होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद न्यायालय से सर्च वारंट लेकर तलाशी की कार्रवाई की गई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम का कथित खैर लकड़ी कारोबार और फर्जी दस्तावेजों के मामले से क्या संबंध है।
कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू
पुलिस ने बरामद 81 लाख रुपये को प्रथम दृष्टया कथित अपराध से अर्जित संपत्ति से संबंधित माना है और इसके आधार पर कुर्की की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। रिपोर्टों के अनुसार BNSS की धारा 107 के तहत रकम की कुर्की के लिए न्यायालय में आवेदन की तैयारी की जा रही है। हालांकि अंतिम तौर पर रकम का आपराधिक स्रोत साबित होना जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
नेटवर्क और पैसों के स्रोत की जांच
81 लाख रुपये की बरामदगी के बाद पुलिस की जांच अब केवल नकदी तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि कथित फर्जी NOC नेटवर्क और खैर लकड़ी के अवैध परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। पुलिस दस्तावेजों, लकड़ी के परिवहन और आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और पैसों के स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





