अनंतनाग आतंकी हमले के बाद घाटी में बड़ा एक्शन: 2,500 संदिग्ध हिरासत में, आतंकियों के घर ध्वस्त

Sai Mehta
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन की आतंकियों द्वारा हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कश्मीर में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी तेज करते हुए कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने तक अभियान जारी रहेगा।
दो आतंकियों के घर ध्वस्त, हजारों संदिग्ध हिरासत में
हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय आतंकियों आदिल ठोकर और हारून गनाई के घरों को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही घाटीभर में 2,500 से अधिक संदिग्धों और ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। कई जिलों में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी हैं और सुरक्षा बल आतंकियों के मददगार नेटवर्क की पहचान करने में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि घरों को गिराने और सामूहिक गिरफ्तारियों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में स्थानीय जनता का विश्वास जीतना सबसे जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कानून के दायरे में कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज, विपक्ष भी हुआ मुखर
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी एक व्यक्ति के अपराध की सजा पूरे परिवार को नहीं मिलनी चाहिए। वहीं सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और बढ़ाई गई
आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा मार्ग सहित संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। चेकिंग अभियान और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। ड्रोन, सीसीटीवी और आधुनिक तकनीक के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
आतंकियों की तलाश जारी, अभियान रहेगा तेज
सुरक्षा एजेंसियां हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं और उनके सहयोगियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। विभिन्न जिलों में तलाशी अभियान, पूछताछ और खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरे नेटवर्क को ध्वस्त नहीं कर दिया जाता। घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत कर दी गई है।







