बिहार बंद से जनजीवन प्रभावित, सुरक्षा हाई अलर्ट: NEET विवाद पर बिहार बंद, 70 हजार जवान तैनात

Neel Saxena
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain!
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain!
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठन AISA और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) ने 25 जुलाई 2026 को बिहार बंद का आह्वान किया। इस बंद को राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और वाम दलों सहित महागठबंधन के कई सहयोगी संगठनों का समर्थन मिला। राज्य के कई जिलों में सुबह से ही प्रदर्शन और सड़क जाम देखने को मिले।
70 हजार पुलिस जवान तैनात, प्रशासन हाई अलर्ट पर
बंद को देखते हुए बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पूरे राज्य में करीब 70,000 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, जबकि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल और अर्धसैनिक कंपनियां भी लगाई गई हैं। सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और लगातार फ्लैग मार्च व गश्त के जरिए कानून-व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
इंटरनेट बंद, स्कूलों में छुट्टी और नेताओं की हिरासतअ
अफवाहों और संभावित उपद्रव को रोकने के लिए कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई। सुरक्षा कारणों से पटना, औरंगाबाद सहित कुछ जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया। बंद से पहले पुलिस ने भाकपा (माले) विधायक संदीप सौरभ, AISA के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया।
कई जिलों में सड़क जाम और प्रदर्शन
समस्तीपुर में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर टायर जलाकर विरोध जताया, जिससे यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। पटना के डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक और मुख्यमंत्री आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीवान, मुंगेर और जहानाबाद में भी छात्र संगठनों ने रैलियां और नारेबाजी की, हालांकि कई स्थानों पर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने NEET पेपर लीक के सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, छात्रों पर दर्ज मामलों की समीक्षा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। छात्र संगठनों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।
जनजीवन पर मिला-जुला असर, प्रशासन की अपील
राज्य के कुछ जिलों में बाजार, सार्वजनिक परिवहन और यातायात आंशिक रूप से प्रभावित रहा, जबकि कई शहरों में आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने, शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






