PPF NSC SCSS FD Rates: PPF, NSC, SCSS या बैंक FD, कहां मिल रहा सबसे ज्यादा ब्याज?

PPF, NSC, SCSS या बैंक FD, कहां मिल रहा सबसे ज्यादा ब्याज?
प्रतिक्रियाएँ
Nidhi kumari

Nidhi kumari

2 घंटे पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

2 घंटे पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Myra Dubey

Myra Dubey

4 घंटे पहले

Business world mein yeh ek badi halachal hai.

Arjun Singh

Arjun Singh

5 घंटे पहले

Financial planning sochni hogi ab naye sir se.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

6 घंटे पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Arjun Singh

Arjun Singh

6 घंटे पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Diya Gupta

Diya Gupta

7 घंटे पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Sneha Menon

Sneha Menon

8 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

9 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

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छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें स्थिर
अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोगों के लिए PPF, NSC, SCSS और बैंक FD के बीच तुलना करना जरूरी हो जाता है। मौजूदा दरों के मुताबिक SCSS और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.20 फीसदी, NSC पर 7.70 फीसदी और PPF पर 7.10 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है।

 

SCSS और सुकन्या में 8.20 फीसदी ब्याज
छोटी बचत योजनाओं में फिलहाल सबसे ज्यादा 8.20 फीसदी सालाना ब्याज SCSS और सुकन्या समृद्धि योजना पर मिल रहा है। SCSS वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना पात्र बेटियों के भविष्य के लिए शुरू की जा सकती है। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस की 5 साल की टाइम डिपॉजिट पर 7.50 फीसदी और मंथली इनकम स्कीम पर 7.40 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है।

 

PPF में 7.10 फीसदी ब्याज और 15 साल की अवधि
PPF में फिलहाल 7.10 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। इसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल है, इसलिए इसे छोटी अवधि की बैंक FD के साथ सीधे तुलना करना उचित नहीं है। लंबे समय के निवेश की योजना बनाने वालों के लिए PPF एक विकल्प हो सकता है। इसमें निवेश के साथ टैक्स से जुड़े फायदे भी मिलते हैं, लेकिन निवेश से पहले लंबी लॉक-इन अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।

 

NSC पर 7.70 फीसदी ब्याज
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी NSC पर वर्तमान में 7.70 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है और इसकी अवधि 5 साल है। यह उन निवेशकों के लिए विकल्प हो सकता है जो एक निश्चित अवधि के लिए सुरक्षित निवेश चाहते हैं। PPF की तुलना में इसकी अवधि कम है, इसलिए दोनों में चुनाव करते समय निवेश का लक्ष्य और पैसे की जरूरत का समय देखना जरूरी है।

 

बैंक FD से छोटी बचत योजनाओं की तुलना
बड़े सरकारी बैंकों में 1 से 2 साल की FD पर ब्याज दरें करीब 6.45 से 6.60 फीसदी के आसपास बताई गई हैं। कुछ बड़े निजी बैंक भी इसी दायरे में ब्याज दे रहे हैं। ऐसे में कई मामलों में पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएं बड़े बैंकों की FD से ज्यादा ब्याज दे रही हैं। हालांकि, कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक इससे अधिक FD ब्याज दे सकते हैं, इसलिए निवेश से पहले अलग-अलग बैंकों की मौजूदा दरों की तुलना करना जरूरी है।

 

किस निवेशक के लिए कौन-सा विकल्प?
वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.20 फीसदी वाली SCSS आकर्षक विकल्प हो सकती है, जबकि पात्र परिवार बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना पर विचार कर सकते हैं। लंबी अवधि के निवेश के लिए PPF और 5 साल की निश्चित अवधि के लिए NSC पर विचार किया जा सकता है। FD चुनते समय केवल ब्याज दर नहीं, बल्कि अवधि, टैक्स, समय से पहले निकासी के नियम और जमा सुरक्षा जैसे पहलुओं को भी देखना चाहिए। छोटी बचत योजनाओं की दरें लगातार 11 तिमाहियों से स्थिर हैं, इसलिए निवेश का फैसला अपनी जरूरत, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि के हिसाब से करना बेहतर होगा।

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Nidhi kumari

Nidhi kumari

2 घंटे पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

2 घंटे पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Myra Dubey

Myra Dubey

4 घंटे पहले

Business world mein yeh ek badi halachal hai.

Arjun Singh

Arjun Singh

5 घंटे पहले

Financial planning sochni hogi ab naye sir se.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

6 घंटे पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Arjun Singh

Arjun Singh

6 घंटे पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Diya Gupta

Diya Gupta

7 घंटे पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Sneha Menon

Sneha Menon

8 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

9 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

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