Stock Market Outlook Today: शेयर बाजार में आज तेजी या गिरावट? गिफ्ट निफ्टी ने दिए हल्की बढ़त के संकेत

Sonu rai
5 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Sonu rai
5 घंटे पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Vivaan Gupta
6 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Kavya Mishra
8 घंटे पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Neel Saxena
9 घंटे पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Aryan Malhotra
9 घंटे पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Rohan Desai
10 घंटे पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
Priya Iyer
11 घंटे पहलेPaise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.
Pooja Reddy
12 घंटे पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
गिरावट के बाद बाजार को GIFT निफ्टी से हल्के सुधार के संकेत
गुरुवार, 8 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1,045 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी में 1.64 प्रतिशत की गिरावट आई। शुक्रवार, 9 अक्टूबर की सुबह GIFT निफ्टी में हल्की तेजी दिखाई दी, जिससे बाजार में मामूली सुधार की संभावना के संकेत मिले। सुबह 7:30 बजे GIFT निफ्टी 12.50 अंक बढ़कर 22,376 के स्तर पर था। हालांकि, शुरुआती संकेतों से पूरे दिन के बाजार की दिशा तय नहीं होती और कारोबार के दौरान वैश्विक घटनाक्रम तथा निवेशकों की प्रतिक्रिया अहम रहेगी।
कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी नीतियों पर नजर
एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड सुबह करीब 0.6 प्रतिशत नीचे था, जबकि इससे पिछली रात इसकी कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी और यह 104 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ था। अमेरिकी WTI क्रूड भी गिरावट के साथ करीब 90 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले को लेकर दिए गए बयान को तेल बाजार में बदलाव के प्रमुख कारणों में गिना गया। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकता है।
H-1B और PERM नियमों से टेक कंपनियों पर नजर
अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों से जुड़े वीजा और रोजगार नियमों में सख्ती की खबरों के बीच भारतीय आईटी कंपनियों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। खबर में कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, कैपजेमिनी और HCL जैसी कंपनियों के PERM कार्यक्रम से निलंबन का उल्लेख किया गया है। ऐसे घटनाक्रमों का संभावित असर आईटी कंपनियों की भर्ती और कारोबारी योजनाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक प्रभाव कंपनी-विशेष की स्थिति और नियमों के लागू होने के विवरण पर निर्भर करेगा।
आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी नजर
9 अक्टूबर को पूनावाला फिनकॉर्प, आनंद राठी वेल्थ, केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट, कैन फिन होम्स, वॉटरवेज लीजर टूरिज्म और हैथवे भवानी केबलटेल एंड डेटाकॉम समेत कई कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे आने हैं। इन कंपनियों के वित्तीय परिणाम और प्रबंधन की टिप्पणियां संबंधित शेयरों में कारोबार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।
KEC इंटरनेशनल और NCC के शेयरों में हलचल संभव
KEC इंटरनेशनल ने ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी और केबल्स कारोबार में 1,030 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिलने की जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक, इसके साथ चालू वर्ष में मिले ऑर्डरों का कुल मूल्य 8,600 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वहीं, NCC को हैदराबाद ग्रोथ कॉरिडोर से 1,286.03 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिला है। यह परियोजना आउटर रिंग रोड के पास बुडवेल से NH-167N पर नचाराम तक रेडियल रोड-2 के निर्माण से जुड़ी है। इन कारोबारी अपडेट्स के कारण दोनों शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं।
रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज से जुड़ी कंपनियां
वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज को एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी से 5 MWp के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्रोजेक्ट के लिए EPC कार्य का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिला है। पेस डिजिटेक को दिल्ली में 57.5 MW/115 MWh क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनाने के लिए BSES राजधानी पावर से लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं से जुड़े ये अपडेट संबंधित कंपनियों के शेयरों में गतिविधि बढ़ा सकते हैं।
Hexaware Technologies और Cummins India भी चर्चा में
हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने एंथ्रोपिक के साथ कई वर्षों की साझेदारी की घोषणा की है और कंपनी एंथ्रोपिक के क्लाउड पार्टनर नेटवर्क में पसंदीदा भागीदार बनी है। दूसरी ओर, कमिन्स इंडिया के बोर्ड ने एडेगबिले एडेडैपो एडेवुन्मी को अतिरिक्त निदेशक और प्रबंध निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी है। यह नियुक्ति 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी और कार्यकाल तीन साल का रहेगा। इन घोषणाओं पर भी बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
बाजार की दिशा GIFT निफ्टी के संकेतों के अलावा कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों, कंपनियों के नतीजों और कारोबारी घोषणाओं पर निर्भर करेगी। किसी शेयर में हलचल की संभावना को निश्चित तेजी या मुनाफे की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है; निवेश का फैसला लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का आकलन करें तथा जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।








