SI समेत तीन कांस्टेबल गिरफ्तार: ₹2.80 लाख रिश्वत लेते दबोचे यूपी पुलिस के जवान गिरफ्तार

Taushif Shekh
15 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Taushif Shekh
15 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Vivaan Gupta
22 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Pooja Reddy
22 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Neha Tripathi
22 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Yash Kulkarni
1 दिन पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Aryan Malhotra
1 दिन पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Neel Saxena
1 दिन पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सीकर जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया गया। चारों पुलिसकर्मी अयोध्या जिले के साइबर क्राइम थाने में तैनात बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पुलिसकर्मी साइबर ठगी के एक मामले की जांच के सिलसिले में राजस्थान पहुंचे थे। इसी दौरान शिकायतकर्ता पक्ष से रिश्वत मांगने का मामला सामने आया। शिकायत मिलने के बाद ACB ने सत्यापन कर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
₹2.80 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप
ACB के अनुसार, आरोपियों ने साइबर ठगी के एक मामले में शिकायतकर्ता के भाई का नाम हटाने और उसे गिरफ्तार नहीं करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। बताया गया कि शुरुआत में आरोपियों की ओर से ₹4 लाख की रकम मांगी गई थी। बाद में कथित तौर पर दोनों पक्षों के बीच ₹2.80 लाख में सौदा तय हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता ने राजस्थान ACB से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद अधिकारियों ने रिश्वतखोरी की पुष्टि की। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष ट्रैप कार्रवाई की गई।
SI समेत चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार
इस मामले में सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उनके साथ कांस्टेबल पवन त्रिपाठी, सोहनलाल और गौरव चारग को भी ACB ने हिरासत में लिया। ये सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के साइबर क्राइम थाने से जुड़े बताए गए हैं। मामला अयोध्या में दर्ज साइबर ठगी की FIR संख्या 22/2024 की जांच से संबंधित बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी मामले में शिकायतकर्ता के भाई को राहत देने के बदले रकम मांगी गई थी। ACB अब गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
ACB ने जाल बिछाकर पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद ACB अधिकारियों ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम तैयार की गई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपियों को ₹2.80 लाख की कथित रिश्वत की रकम दी। रकम दिए जाने के दौरान पहले से मौजूद ACB टीम ने तुरंत कार्रवाई कर दी। टीम ने मौके पर ही चारों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और कथित रिश्वत की रकम बरामद कर ली। इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
राजस्थान ACB ने गिरफ्तार किए गए चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। जांच एजेंसी अब रिश्वत की मांग और रकम लेने से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों द्वारा आरोपियों से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित रिश्वत की मांग किस स्तर पर की गई थी। साथ ही इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की संभावना की भी जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
साइबर केस की जांच से जुड़ा पूरा मामला
यह पूरा प्रकरण अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में दर्ज साइबर ठगी के मामले से जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता के भाई का नाम केस से हटाने और उसे गिरफ्तार नहीं करने के बदले रकम मांगी थी। शिकायतकर्ता द्वारा ACB से संपर्क किए जाने के बाद मामले में ट्रैप कार्रवाई की गई। सीकर में कथित रिश्वत की रकम दिए जाने के दौरान चारों पुलिसकर्मी पकड़े गए। अब ACB इस बात की जांच कर रही है कि मामले में आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी और रिश्वत की मांग कैसे की गई। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों की जानकारी सामने आ सकती है।








