Indian Navy Next Generation Corvette: समंदर में भारत की ताकत बढ़ेगी, नौसेना को मिलेंगे 8 नए जंगी पोत; 53,866 करोड़ का करार

समंदर में भारत की ताकत बढ़ेगी, नौसेना को मिलेंगे 8 नए जंगी पोत; 53,866 करोड़ का करार
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Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

0 सेकंड पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

1 घंटे पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

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नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने सोमवार को नौसेना के लिए आठ नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट (NGC) युद्धपोतों की खरीद के लिए 53,866 करोड़ रुपये के दो अनुबंध किए हैं। ये करार गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) के साथ किए गए।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हुए इन समझौतों के तहत भारतीय शिपयार्ड स्वदेशी तकनीक से अत्याधुनिक युद्धपोत तैयार करेंगे।

 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया बड़ा कदम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस समझौते को भारत के स्वदेशी जहाज निर्माण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनियों, निजी शिपयार्ड और एमएसएमई के बीच सहयोग मजबूत होगा। इससे देश के जहाज निर्माण उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

GRSE बनाएगी पांच, गोवा शिपयार्ड को मिलेंगे तीन युद्धपोत
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आठ युद्धपोतों में से पांच का निर्माण GRSE करेगी, जबकि बाकी तीन युद्धपोत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड बनाएगी। यह परियोजना भारत की स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और निर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

क्या होते हैं कॉर्वेट युद्धपोत?
कॉर्वेट छोटे, तेज गति वाले और आधुनिक हथियारों से लैस युद्धपोत होते हैं। इनका इस्तेमाल समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा और दुश्मन के जहाजों व पनडुब्बियों से मुकाबले के लिए किया जाता है। आकार में ये फ्रिगेट और विध्वंसक युद्धपोतों से छोटे होते हैं।

 

मिसाइल और आधुनिक सेंसर से होंगे लैस
नए नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट में आधुनिक मिसाइलें, हथियार और सेंसर सिस्टम लगाए जाएंगे। इनकी मदद से ये समुद्र की सतह, हवा और पानी के भीतर अलग-अलग तरह के मिशन को अंजाम दे सकेंगे। इन युद्धपोतों के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता में बढ़ोतरी होगी।

 

राजनाथ सिंह ने नए वायुसेना प्रमुख से की मुलाकात
इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से भी मुलाकात की। उन्होंने वायुसेना प्रमुख को विशिष्ट वायु योद्धा बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की।

आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था। राजनाथ सिंह ने उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

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Shruti Bajpai

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1 घंटे पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

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