अखिलेश की हिरासत पर पूर्वांचल में बवाल: अखिलेश की हिरासत पर जोरदार प्रदर्शन

Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Sonu rai
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Sonu rai
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Dev Kapoor
28 मिनट पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Neha Tripathi
44 मिनट पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Payal jadon
44 मिनट पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Neha Tripathi
44 मिनट पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Neha Tripathi
44 मिनट पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Aryan Malhotra
2 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Pranav Srivastava
2 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
दिल्ली में हिरासत, पूर्वांचल में सियासी उबाल
NEET-UG पेपर लीक और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में दिल्ली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर और मऊ समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और धरने शुरू हो गए।कार्यकर्ताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
वाराणसी से आजमगढ़ तक विरोध प्रदर्शन
वाराणसी में अखिलेश यादव की हिरासत की सूचना मिलते ही सपा कार्यकर्ता और छात्र संगठनों के सदस्य सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और इसे तानाशाही रवैया बताते हुए जमकर नारेबाजी की।आजमगढ़ में सपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन हुआ। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए विपक्ष को निशाना बना रही है।
जौनपुर और मऊ में चक्काजाम, पुलिस रही अलर्ट
जौनपुर और मऊ में देर रात तक कई स्थानों पर शांतिपूर्ण धरने और चक्काजाम की खबरें सामने आईं। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, जबकि प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने की बात कही।
दिल्ली में क्या हुआ था?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेता प्रधानमंत्री आवास (लोक कल्याण मार्ग) के बाहर धरने पर बैठ गए थे।सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। इस घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और देर रात सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
संसद में भी गूंजा मामला, सरकार और विपक्ष आमने-सामने
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।वहीं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET और पेपर लीक के मुद्दे पर नियमों के तहत विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और विपक्ष को बहस में भाग लेना चाहिए।
रिहाई के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन
दिल्ली पुलिस द्वारा देर रात अखिलेश यादव को हिरासत से रिहा किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिए गए। हालांकि पूर्वांचल के संवेदनशील इलाकों और लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी रखी गई है।समाजवादी पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के अधिकार, NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर उनका आंदोलन संसद से लेकर सड़क तक आगे भी जारी रहेगा।







