जंतर-मंतर पर छात्र डटे आर-पार की लड़ाई: नेहा की भूख हड़ताल 21वें दिन भी जारी

Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
जंतर-मंतर बना आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट और शिक्षा सुधारों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। पूरे इलाके में भारी पुलिस और पैरामिलिट्री बल की तैनाती की गई है तथा बैरिकेड्स लगाकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलन को देशभर से समर्थन मिल रहा है और प्रदर्शनकारियों का उत्साह बरकरार है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जंतर-मंतर अब राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा सुधारों की मांग का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। (ध्यान दें: भोजन भेजे जाने और संख्या जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
नेहा बोरा की भूख हड़ताल जारी, छात्रों ने बनाई ह्यूमन चेन
AISA की छात्र नेता नेहा बोरा अपने साथियों अमीन अमितोज और मनीष कुमार के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने उनके चारों ओर ह्यूमन चेन बनाकर सुरक्षा घेरा तैयार किया है। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और शिक्षा सुधारों की मांग जारी रहेगी। छात्र नेताओं ने सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील की है। धरना स्थल पर लगातार छात्र संगठनों की मौजूदगी बनी हुई है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक अस्पताल में भी अनशन पर कायम
लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे शिक्षाविद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने संदेश दिया है कि शिक्षा सुधारों को लेकर ठोस आश्वासन मिलने तक उनका अनशन जारी रहेगा। डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। समर्थकों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उनके आंदोलन ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनका संदेश आंदोलनकारियों तक लगातार पहुंच रहा है। समर्थकों का कहना है कि उनका संघर्ष शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए है।
विपक्ष का समर्थन, संसद से सड़क तक विरोध
विपक्षी दलों ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है और इस मुद्दे को संसद में भी उठाया है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। दूसरी ओर सरकार ने कहा है कि वह संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। संसद में इस मुद्दे को लेकर कई बार हंगामा भी देखने को मिला। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शिक्षा सुधार का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
दिल्ली पुलिस ने पूर्व प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर कई एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है।
आंदोलनकारियों की चार प्रमुख मांगों पर टिकी नजर
प्रदर्शनकारी संसद में विशेष चर्चा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और अन्य मांगों को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को देश के अन्य राज्यों तक विस्तारित किया जाएगा। छात्र संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही है। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे क्या बातचीत होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली पर बहस का बड़ा विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव और स्पष्ट हो सकते हैं।







