Centre Apologises in SC: इंटरनेट बंदी मामले में केंद्र ने मांगी माफी

इंटरनेट बंदी मामले में केंद्र ने मांगी माफी
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Sonu rai

Sonu rai

0 सेकंड पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Aditya Verma

Aditya Verma

4 घंटे पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

5 घंटे पहले

Yeh news bahut zaroori hai public ke liye.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

6 घंटे पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

7 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Anil Sen

Anil Sen

7 घंटे पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Neha Tripathi

Neha Tripathi

9 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

10 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

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दिल्ली में इंटरनेट बंदी के मामले में केंद्र ने मांगी माफी
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने के मामले में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक लगभग चार किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित की गई थी। गृह सचिव ने अदालत के अवमानना नोटिस के जवाब में चार पन्नों का हलफनामा दाखिल किया।

 

केंद्र ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का दिया हवाला
हलफनामे में गृह सचिव ने कहा कि राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, शांति कायम रखने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवा को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन करने का इरादा नहीं था। केंद्र की ओर से इस कदम को उस समय की परिस्थितियों के मद्देनजर आवश्यक बताया गया है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया था अवमानना नोटिस
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट सेवाएं निर्बाध रखने संबंधी अपने आदेश के उल्लंघन को लेकर गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया था। अदालत के सामने यह मुद्दा उठा था कि प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध उसके निर्देशों के अनुरूप थे या नहीं। गृह सचिव ने अपने हलफनामे में पुलिस के अनुरोध और कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों का उल्लेख किया।

 

DMRC ने भी अदालत में मांगी बिना शर्त माफी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी थी। DMRC की चेयरपर्सन डी. थारा ने कहा कि सुरक्षा संबंधी प्रतिबंधों के बावजूद मेट्रो नेटवर्क के अधिकांश हिस्सों में परिचालन जारी रहा। उन्होंने 10 अक्टूबर को मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बंद होने के आरोपों को खारिज किया और अदालत के आदेशों के प्रति निगम की प्रतिबद्धता जताई।

 

मेट्रो स्टेशनों की संख्या 57 से घटाकर 45 की गई
DMRC के हलफनामे के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 8 अक्टूबर को शुरुआती पत्र के जरिए 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के निर्देश के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और प्रभावित स्टेशनों की संख्या घटाकर 45 कर दी गई। हलफनामे में कहा गया कि 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक इन स्टेशनों पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटा दिए गए थे।

 

अदालत के आदेश और सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा ध्यान
इस मामले में केंद्र सरकार और DMRC की ओर से दाखिल हलफनामे अदालत के समक्ष रखे गए हैं। केंद्र ने माफी मांगने के साथ अपने फैसले के पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी वजहें बताई हैं, जबकि DMRC ने मेट्रो परिचालन की स्थिति स्पष्ट की है। मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही और निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।

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Sonu rai

Sonu rai

0 सेकंड पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Aditya Verma

Aditya Verma

4 घंटे पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

5 घंटे पहले

Yeh news bahut zaroori hai public ke liye.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

6 घंटे पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

7 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Anil Sen

Anil Sen

7 घंटे पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Neha Tripathi

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9 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

10 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

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