'मुझे कोई भी महिला विरोधी नहीं कह सकता': शशि थरूर ने किरेन रिजिजू संग फोटो शेयर कर दिया बड़ा बयान

शशि थरूर ने किरेन रिजिजू संग फोटो शेयर कर दिया बड़ा बयान
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Arjun Singh

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Harsh Pandya

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लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें विपक्षी सांसदों के साथ किरेन रिजिजू नजर आए।
थरूर ने लिखा कि जब रिजिजू विपक्ष को “महिला विरोधी” कहने की वजह बता रहे थे, तब उन्हें कहा गया कि यह आरोप उन पर लागू नहीं होता। इस पर रिजिजू ने सहमति जताई और माना कि शशि थरूर को कोई महिला विरोधी नहीं कह सकता।

महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर थरूर का बयान
शशि थरूर ने इस दौरान महिलाओं के अधिकार और प्रतिनिधित्व को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि महिलाएं मानव जाति का श्रेष्ठ आधा हिस्सा हैं और उन्हें संसद समेत हर संस्था में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
उन्होंने महिलाओं को “Humanity 2.0” बताते हुए कहा कि समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है।

महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर जताई चिंता
थरूर ने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रगति को ऐसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि सीटों के पुनर्निर्धारण के जरिए राजनीतिक संतुलन बिगड़ सकता है।

लोकसभा में गिर गया संविधान संशोधन विधेयक
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। इस विधेयक में 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव था।
इसके साथ लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का भी प्रस्ताव शामिल था। वोटिंग के दौरान 298 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। हालांकि, दो-तिहाई बहुमत के लिए आवश्यक 352 वोट न मिलने के कारण विधेयक गिर गया।

बिल गिरने के बाद कांग्रेस-BJP आमने-सामने
विधेयक गिरने के बाद कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार की हार बताया। पार्टी ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का प्रयास विफल हो गया। वहीं बीजेपी ने इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया। किरेन रिजिजू ने कहा कि जो दल इस बिल को रोक रहे हैं, उन्हें देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।

सियासत में नया मोड़
शशि थरूर का यह बयान ऐसे समय आया है जब महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर जनता के बीच भी बड़ा चुनावी विषय बन सकता है।

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