EPFO Higher Pension Relief: बॉम्बे हाईकोर्ट से 40 से अधिक कर्मचारियों को राहत

बॉम्बे हाईकोर्ट से 40 से अधिक कर्मचारियों को राहत
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Ayaan Khan

Ayaan Khan

0 सेकंड पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

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ज्यादा पेंशन के मामले में कर्मचारियों को हाईकोर्ट से राहत
निजी कंपनियों में काम करने वाले 40 से अधिक कर्मचारियों को ज्यादा पेंशन के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिली है। 19 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए फैसले में जस्टिस संदीप वी. मार्ने ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनके जरिए कर्मचारियों की ज्यादा पेंशन की अर्जियां खारिज की गई थीं। कोर्ट ने EPFO को संबंधित कर्मचारियों के संयुक्त विकल्प यानी जॉइंट ऑप्शन पर आठ सप्ताह के भीतर कार्रवाई कर उन्हें मंजूर करने का निर्देश दिया। यह फैसला एबॉट इंडिया, टाटा कम्युनिकेशंस, रेमंड स्टील और BEST अंडरटेकिंग से जुड़े कर्मचारियों के मामलों में आया है।

 

PF ट्रस्ट के नियमों को लेकर क्या था विवाद
मामले में सवाल यह था कि क्या किसी कंपनी के अपने प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट के नियमों के आधार पर कर्मचारी की EPS-95 के तहत ज्यादा पेंशन की अर्जी खारिज की जा सकती है। कुछ कंपनियों के ट्रस्ट में योगदान के लिए वेतन की सीमा तय थी या ज्यादा पेंशन के लिए अतिरिक्त योगदान का स्पष्ट प्रावधान नहीं था। EPFO ने इन्हीं प्रतिबंधों के आधार पर कुछ कर्मचारियों के आवेदन खारिज कर दिए थे। कर्मचारियों ने इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए दलील दी कि कंपनी के ट्रस्ट के नियमों के कारण उन्हें कर्मचारी पेंशन योजना के तहत उपलब्ध विकल्प से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

 

क्या सभी कर्मचारियों को अब ज्यादा पेंशन मिलेगी
हाईकोर्ट के फैसले का अर्थ यह नहीं है कि सभी EPFO सदस्यों को अपने आप ज्यादा पेंशन मिलने लगेगी। संबंधित कर्मचारियों को EPS-95 के लागू नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि योग्य कर्मचारी की ज्यादा पेंशन की अर्जी केवल इस वजह से खारिज नहीं की जा सकती कि उसके नियोक्ता के PF ट्रस्ट के नियम योगदान पर सीमा लगाते हैं या उनमें अतिरिक्त योगदान का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। संबंधित मामलों में EPFO को आठ सप्ताह के भीतर संयुक्त विकल्पों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

 

PF और EPS में अंतर समझना जरूरी
प्रोविडेंट फंड (PF) कर्मचारियों की बचत से जुड़ा है, जबकि कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) पात्र सदस्यों को पेंशन का लाभ देने के लिए बनाई गई है। 17 सितंबर 2026 से EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है। हालांकि, इस सीमा में बदलाव और ज्यादा पेंशन की पात्रता अलग-अलग विषय हैं। ज्यादा पेंशन का लाभ संबंधित योजना के नियमों, पात्रता, योगदान और आवश्यक संयुक्त विकल्प पर निर्भर करता है। हाईकोर्ट का फैसला उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी अर्जियां कंपनी के PF ट्रस्ट के नियमों के आधार पर खारिज की गई थीं।

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