Ancient Idols Stolen: कर्नाटक के मठ से छह प्राचीन मूर्तियां गायब

Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Harsh Pandya
49 मिनट पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Yash Kulkarni
58 मिनट पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Ada khan
2 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Ada khan
4 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Tanya Bajaj
4 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
कर्नाटक के उडुपी जिले के बालेकुद्रु मठ से प्राचीन देवी-देवताओं की छह मूर्तियां चोरी कर बेचने का मामला सामने आया है। भागवत परंपरा से जुड़े इस मठ का सैकड़ों साल पुराना इतिहास है। आरोप है कि यहां सदियों से पूजी जा रही छह बेशकीमती मूर्तियों को चोरी करके बेच दिया गया। मामले में मठ के प्रमुख स्वामी वासुदेव सदाशिवाश्रम और मठ के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। FIR दर्ज होने के बाद स्वामी के मठ में ताला लगाकर गायब होने की बात भी सामने आई है।
मठ से अचानक गायब हुईं छह प्राचीन मूर्तियां
बालेकुद्रु मठ में लंबे समय से भगवान नरसिंह, गणपति और महिषमर्दिनी समेत छह प्राचीन मूर्तियों की पूजा की जा रही थी। कुछ समय पहले ये सभी मूर्तियां अचानक मठ से गायब हो गईं। जब मठ के शिष्यों और श्रद्धालुओं ने इस बारे में स्वामी से सवाल किया तो उन्होंने बताया कि पुरानी मूर्तियों का विसर्जन कर दिया गया है और उनकी जगह नई मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
शुरुआत में शिष्यों ने स्वामी की बात पर भरोसा कर लिया, लेकिन बाद में मामले में नया खुलासा हुआ। पता चला कि गायब हुई प्राचीन मूर्तियों की तस्वीरें एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन वेबसाइट पर बिक्री के लिए अपलोड की गई थीं।
ऑनलाइन वेबसाइट पर मूर्तियों की तस्वीरें देखकर हुआ शक
मठ के एक शिष्य जगदीश ऐताला ने जब वेबसाइट पर मूर्तियों की तस्वीरें देखीं तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू हुई और मूर्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों का पता लगाने की कोशिश की गई।
बेंगलुरु पुलिस ने शुरू की जांच, कंपनी मालिक हिरासत में
जगदीश ऐताला की शिकायत पर बेंगलुरु के बसवेश्वरनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने साइबर और सोशल मीडिया से जुड़े सुरागों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि मठ से गायब हुई बेशकीमती मूर्तियां बेंगलुरु की प्राचीन कलाकृतियों से जुड़ी कंपनी ‘Idols’ को बेची गई थीं।
इसके बाद पुलिस ने कंपनी के मालिक नागेंद्र प्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। लंबी पूछताछ के दौरान मूर्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। पुलिस की जांच में कथित तौर पर मठ के प्रमुख स्वामी वासुदेव सदाशिवाश्रम और मठ के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है।
मठ के कर्मचारियों पर भी मूर्तियों की खरीद-बिक्री में शामिल होने का आरोप
इस मामले में अनिल कुमार, जयलक्ष्मी और श्रेयस समेत कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इन सभी पर प्राचीन मूर्तियों की कथित चोरी और बिक्री में शामिल होने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मूर्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
श्रद्धालुओं में नाराजगी, पुलिस जांच जारी
मठ जैसी धार्मिक और ऐतिहासिक जगह से सदियों पुरानी मूर्तियों के गायब होने और उनके ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाने की खबर से श्रद्धालुओं में नाराजगी है। खास बात यह है कि मूर्तियों के गायब होने पर स्वामी की ओर से उनके विसर्जन किए जाने की बात कही गई थी, जबकि बाद में उनकी तस्वीरें ऑनलाइन बिक्री के लिए मिलने का दावा सामने आया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मूर्तियों की बरामदगी और कथित खरीद-बिक्री में शामिल सभी लोगों की भूमिका को लेकर जांच के नतीजों का इंतजार है।








