मेरठ अस्पताल में नर्स की हत्या का खुलासा: प्रेमी ने जहर का इंजेक्शन लगाकर ली जान

Kunal Rao
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Diya Gupta
1 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Dev Kapoor
1 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Aarohi Chaudhary
2 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Arjun Singh
2 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Harsh Pandya
3 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Payal jadon
4 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
ऑपरेशन थिएटर में अचेत मिली नर्स, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
फफूड़ा निवासी 25 वर्षीय नेहा एक निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत थी। शनिवार सुबह वह रोज की तरह ड्यूटी पर पहुंची, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे ऑपरेशन थिएटर में अचेत अवस्था में मिली। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की।
सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियां मिलीं, लेकिन परिवार ने जताया शक
घटनास्थल से पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियां बरामद हुईं। नोट में ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए थे, लेकिन नेहा के परिजनों ने शुरुआत से ही इसे फर्जी बताया। परिवार ने दावा किया कि नोट की लिखावट नेहा की नहीं है और उसकी पुरानी लिखावट के नमूने पुलिस को सौंपते हुए हत्या की आशंका जताई।
कॉल डिटेल से खुला राज, शादी के दबाव में रची हत्या की साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने नेहा के मोबाइल की कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड खंगाले। इसमें अस्पताल कर्मचारी सुरेश से उसकी लगातार बातचीत सामने आई। पूछताछ में पता चला कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और नेहा सुरेश पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी दबाव से छुटकारा पाने के लिए सुरेश ने अपने साथी फरहान के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
जहरीले इंजेक्शन से हत्या, फिर रचा आत्महत्या का पूरा नाटक
पुलिस के अनुसार वारदात वाले दिन सुरेश और फरहान पहले से ऑपरेशन थिएटर में मौजूद थे। जैसे ही नेहा वहां पहुंची, फरहान ने उसके हाथ पकड़ लिए जबकि सुरेश ने उसका मुंह दबाकर जहरीला इंजेक्शन लगा दिया। मौत के बाद आरोपियों ने फर्जी सुसाइड नोट उसकी जेब में रख दिया और पास में सल्फास की गोलियां छोड़ दीं ताकि मामला आत्महत्या लगे।
तकनीकी साक्ष्यों ने खोली साजिश की परतें
पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, कॉल रिकॉर्ड, पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया जहरीला इंजेक्शन भी बरामद कर लिया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पति की मौत के बाद संभाल रही थी परिवार की जिम्मेदारी
जांच में सामने आया कि करीब एक वर्ष पहले नेहा के पति ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिवार और बच्चे की जिम्मेदारी नेहा पर आ गई थी। वह निजी अस्पताल में नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








