₹27,337 करोड़ लोन घोटाला,CBI की छापेमारी: अनिल अंबानी समूह पर CBI का बड़ा एक्शन

Aditya Verma
33 मिनट पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Sneha Menon
1 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Vihaan Patel
1 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Dev Kapoor
1 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Dhruv Bhatt
2 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Ravi sinha
2 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Saanvi Pandey
3 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Aryan Malhotra
4 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Diya Gupta
5 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Aarav Sharma
5 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Payal jadon
5 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Priya Iyer
6 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Arjun Singh
6 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Yash Kulkarni
7 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
सीबीआई के अनुसार, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) से जुड़े मामलों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को लगभग ₹27,337 करोड़ के कथित नुकसान की जांच की जा रही है। इन शिकायतों के आधार पर एजेंसी पहले ही सात एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
फंड डायवर्जन और शेल कंपनियों के नेटवर्क का आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि बैंकों से विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर प्रोजेक्ट्स के लिए लिया गया ऋण निर्धारित परियोजनाओं में खर्च नहीं किया गया। आरोप है कि रकम को कथित तौर पर कई आपस में जुड़ी कंपनियों और शेल कंपनियों के माध्यम से अन्य समूह कंपनियों में डायवर्ट किया गया, जिससे ऋणदाताओं को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। सीबीआई इस पूरे फंड फ्लो की फोरेंसिक जांच कर रही है।
15 ठिकानों पर छापेमारी, पूर्व अधिकारियों के परिसरों की भी तलाशी
सीबीआई ने रिलायंस एडीए समूह के कार्यालयों और परिसरों के अलावा रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO), समूह के पूर्व सचिवीय प्रमुख और पूर्व मुख्य ट्रेजरी सलाहकार के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई विशेष सीबीआई अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई।
दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त, 23 संस्थाएं जांच के दायरे में
छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं। सीबीआई के अनुसार, रिलायंस एडीए समूह से जुड़ी 23 परस्पर संबद्ध संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इन दस्तावेजों का फोरेंसिक विश्लेषण कर धन के प्रवाह और कथित अनियमितताओं की पड़ताल की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है व्यापक कार्रवाई
सीबीआई इससे पहले इसी मामले में 38 स्थानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। एजेंसी अब तक चार आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है और सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई उसी विस्तृत जांच का हिस्सा है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच जारी
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि उसका उद्देश्य निष्पक्ष, व्यापक और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करना है। फिलहाल जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
नोट: यह जांच जारी है। आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी शेष है और अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।








