Muhurat Trading 2026: दीवाली पर रविवार को भी खुलेगा शेयर बाजार

Ada khan
0 सेकंड पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेChhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेMarket mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.
Priya Iyer
1 घंटे पहलेMarket mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.
Sai Mehta
1 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Dhruv Bhatt
2 घंटे पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Pranav Srivastava
3 घंटे पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
दीवाली पर खुलेगा शेयर बाजार
दीवाली के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार में पारंपरिक मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया जाएगा। इस बार 8 नवंबर 2026 को रविवार होने के बावजूद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर विशेष कारोबारी सत्र आयोजित होगा। इस दौरान निवेशकों को सीमित समय के लिए शेयर बाजार में कारोबार करने का अवसर मिलेगा।
एक घंटे 10 मिनट चलेगी ट्रेडिंग
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगी। यह विशेष सत्र कुल 1 घंटा 10 मिनट का होगा। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद लक्ष्मी पूजन और दीवाली की परंपरा को ध्यान में रखते हुए एक्सचेंजों ने विशेष कारोबार की व्यवस्था की है।
प्री-ओपनिंग और ब्लॉक डील का समय
एक्सचेंजों की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, प्री-ओपनिंग सत्र दोपहर 2:05 बजे से 2:20 बजे तक चलेगा। वहीं, ब्लॉक डील विंडो दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक खुली रहेगी। इसके बाद दोपहर 2:20 बजे से नियमित मुहूर्त ट्रेडिंग शुरू होगी, जो 3:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार क्लोजिंग और पोस्ट-क्लोजिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मुहूर्त ट्रेडिंग को माना जाता है शुभ
भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग को विशेष महत्व दिया जाता है। यह केवल कारोबार का एक विशेष सत्र नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुभ शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में निवेशक सांकेतिक रूप से शेयर खरीदते हैं और नए निवेश की शुरुआत करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लक्ष्मी पूजन के दिन निवेश करना आने वाले वर्ष में समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
निवेशकों के मनोबल से भी जुड़ी परंपरा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं तक सीमित नहीं है। यह निवेशकों के उत्साह और बाजार की सकारात्मक भावना से भी जुड़ी हुई है। कई दीर्घकालिक निवेशक इस दौरान अपने पोर्टफोलियो में नए शेयर शामिल करते हैं, जबकि कुछ लोग केवल शुभ शुरुआत के उद्देश्य से सांकेतिक खरीदारी करते हैं।
नवंबर में इन तारीखों पर भी बंद रहेगा बाजार
नवंबर 2026 में मुहूर्त ट्रेडिंग के अलावा शेयर बाजार में कुछ अन्य अवसरों पर भी अवकाश रहेगा। दिवाली-बलिप्रतिपदा के अवसर पर 10 नवंबर को बाजार बंद रहेगा। इसके अतिरिक्त 24 नवंबर को गुरु नानक देव प्रकाश पर्व के कारण भी शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। इसके अलावा शनिवार और रविवार के नियमित साप्ताहिक अवकाश भी लागू रहेंगे।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान निवेश का फैसला केवल शुभ समय या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर नहीं लेना चाहिए। निवेशकों को संबंधित कंपनी के मूलभूत प्रदर्शन, कारोबार की संभावनाओं और अपने दीर्घकालिक निवेश लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए। किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले उसके जोखिम और संभावित लाभ का आकलन करना जरूरी है।
दशकों पुरानी परंपरा आज भी लोकप्रिय
भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है। हर साल दीवाली के अवसर पर आयोजित होने वाले इस विशेष सत्र में छोटे और बड़े निवेशक उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और आधुनिक वित्तीय बाजार के अनूठे मेल को दर्शाती है। रविवार को होने वाली इस विशेष ट्रेडिंग को लेकर भी निवेशकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।








