Zero Tolerance Against Terrorism: ब्रिक्स में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा

ब्रिक्स में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा
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Sonu rai

Sonu rai

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Vaishali shinde

Vaishali shinde

0 सेकंड पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Sonu rai

Sonu rai

0 सेकंड पहले

Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Vihaan Patel

Vihaan Patel

0 सेकंड पहले

Sarkar ko public ko jawab dena chahiye.

Myra Dubey

Myra Dubey

33 मिनट पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

1 घंटे पहले

Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

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नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने न्यू दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से अपनाया। घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। दस्तावेज में कहा गया कि इस हमले में 26 लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए आतंकवादी कृत्यों को आपराधिक और किसी भी परिस्थिति में अनुचित बताया।


आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
न्यू दिल्ली घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की प्रतिबद्धता दोहराई है। घोषणापत्र में कहा गया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों तथा उनके समर्थकों को कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों को खारिज करने और संयुक्त अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।


सीमा पार आतंकवाद और टेरर फंडिंग पर सख्ती
घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के दायरे को व्यापक रखते हुए आतंकियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्त पोषण और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने मिलने की समस्या का उल्लेख किया गया। ब्रिक्स नेताओं ने आतंकवादी गतिविधियों और उनके समर्थकों के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की जरूरत बताई। यह रुख भारत की लंबे समय से चली आ रही आतंकवाद विरोधी चिंताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

चीन और रूस समेत सदस्य देशों की सहमति
पहलगाम हमले की निंदा वाले इस साझा घोषणापत्र में चीन और रूस समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों की सहमति शामिल है। खास तौर पर चीन की मौजूदगी में पहलगाम हमले का घोषणापत्र में स्पष्ट उल्लेख भारत के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि घोषणापत्र ने हमले के लिए किसी देश का नाम लेकर जिम्मेदारी तय नहीं की है और न ही पाकिस्तान का उल्लेख किया गया है। इसलिए इसे आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स के सामूहिक रुख के रूप में देखना अधिक सटीक होगा।


आतंकवाद को धर्म या राष्ट्रीयता से जोड़ने से इनकार
ब्रिक्स देशों ने अपने साझा दस्तावेज में यह भी दोहराया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग, आतंकियों और उनके समर्थकों की जवाबदेही तथा संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर आतंकवाद से निपटने के प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। इसके साथ ही ब्रिक्स ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह के दोहरे मानदंड से बचने की जरूरत भी बताई है।


भारत के लिए अहम कूटनीतिक संदेश
न्यू दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले का दोबारा स्पष्ट उल्लेख भारत के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे यह सामने आता है कि ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर आतंकवाद के खिलाफ साझा सहमति कायम की जा सकती है, भले ही सदस्य देशों के बीच कई अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मतभेद हों। हालांकि इसे किसी एक देश के खिलाफ कार्रवाई या पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने वाले फैसले के रूप में पेश करना सही नहीं होगा। घोषणापत्र का मुख्य संदेश आतंकवाद, टेरर फंडिंग, सीमा-पार आतंकियों की आवाजाही और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई पर केंद्रित है।

 

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Sonu rai

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Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Vaishali shinde

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Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Sonu rai

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Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Vihaan Patel

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Sarkar ko public ko jawab dena chahiye.

Myra Dubey

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Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

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Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

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