E20 नीति के खिलाफ केजरीवाल का मार्च: 4 अगस्त को पीएम आवास कूच करेगी AAP

Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की कि 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री आवास तक पैदल मार्च किया जाएगा। यह घोषणा दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित "नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20" कार्यक्रम के दौरान की गई। केजरीवाल ने कहा कि यह आंदोलन आम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है और सरकार को जनता की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
शुद्ध पेट्रोल और E20 के बीच विकल्प की मांग
केजरीवाल ने कहा कि देश के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल के बीच अपनी पसंद से ईंधन चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में लोगों को बिना विकल्प दिए मिश्रित ईंधन खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस नीति की समीक्षा करे और उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता दे। उनका कहना है कि विकल्प उपलब्ध कराना ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है।
दो लाख से अधिक हस्ताक्षर पीएम को सौंपेंगे
AAP प्रमुख ने बताया कि देशभर में चलाए गए ऑनलाइन अभियान के माध्यम से दो लाख से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर जुटाए जा चुके हैं। इन हस्ताक्षरों वाली याचिका को वे स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेंगे। उनका कहना है कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि जनता की आवाज है। इस याचिका के जरिए सरकार से E20 नीति पर पुनर्विचार और व्यापक संवाद की मांग की जाएगी।
केवल 100 समर्थकों के साथ करेंगे मार्च
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह अपने साथ केवल 100 ऐसे समर्थकों को लेकर जाएंगे जो किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की और कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक रहेगा।
विपक्ष और सामाजिक संगठनों का समर्थन
E20 नीति के विरोध में आयोजित कार्यक्रम में कई सामाजिक संगठनों, परिवहन यूनियनों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान वाहनों के इंजन पर E20 ईंधन के संभावित प्रभाव, माइलेज में कमी और उपभोक्ता हितों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। कई प्रतिभागियों ने सरकार से वैज्ञानिक और तकनीकी तथ्यों के आधार पर नीति की समीक्षा करने की मांग की। इससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलने के संकेत मिले।
सरकार पर बढ़ेगा राजनीतिक दबाव
4 अगस्त को प्रस्तावित मार्च के बाद इस मुद्दे पर केंद्र और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। यदि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग समर्थन देते हैं तो E20 नीति राष्ट्रीय बहस का प्रमुख विषय बन सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इस याचिका और मांगों पर क्या रुख अपनाती है तथा क्या उपभोक्ताओं को ईंधन चयन का विकल्प देने पर कोई फैसला लिया जाता है।







